Sankramak Bimariyan : By Dr. Manoj Rawat Hindi Book | संक्रमक बिमारियाँ : डॉ.मनोज रावत द्वारा हिंदी पुस्तक
संक्रमक बिमारियाँ पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश :
संक्रामक रोग किसी न किसी रोगजनित कारकों ( रोगाणुओं) जैसे प्रोटोजोआ, कवक, जीवाणु, वाइरस इत्यादि के कारण होते हैं। संक्रामक रोगों में एक शरीर से अन्य शरीर में फैलने की क्षमता होती है। मलेरिया, टायफायड, चेचक, इन्फ्लुएन्जा इत्यादि संक्रामक रोगों के उदाहरण हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनिया भर में संक्रामक रोग आज पहले से कहीं ज्यादा तेजी से फैल रहे हैं और उनका इलाज करना ज्यादा मुश्किल हो गया है। अपनी वार्षिक विश्व स्वास्थ्य रिपोर्ट 2008 में राष्ट्र संघ एजेंसी ने कहा है कि 1970 के दशक से हर साल एक या ज्यादा नए रोगों का पता चल रहा है, जो अभूतपूर्व है। एजेंसी ने कहा है कि तपेदिक जैसी जानी-मानी बीमारियों को नियंत्रित करने के प्रयास भी सीमित हो रहे हैं. क्योंकि वे ज्यादा ताकतवर और दवाइयों की प्रतिरोधी किस्मों में विकसित होती जा रही हैं।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | संक्रमक बिमारियाँ | Sankramak Bimariyan |
| Author | Dr. Manoj Rawat |
| Category | Health Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 168 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“किसी निर्दोष को दंडित करने से बेहतर है एक दोषी व्यक्ति को बख़्श देने का जोख़िम उठाना।” ‐ वाल्तेयर (१६९४-१७७८)
“It is better to risk saving a guilty man than to condemn an innocent one.” ‐ Voltaire (1694-1778), French Writer and Philosopher
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