श्रीकांत : शरतचन्द्र | Shrikant : By Sharatchandra Hindi Book
श्रीकांत पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : बांग्ला के विख्यात कथाकार शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय की गणना भारत के ही नहीं अपितु विश्व के महान साहित्यकारों में की जाती है। वे एक ऐसे अद्वितीय कथा शिल्पी हैं, जिनका साहित्य भाषाओं की सीमाएँ लाँघकर उनके अपने ही जीवनकाल में अखिल भारत की हदों को छू गया। उन्हें जितनी ख्याति बांग्ला में मिली, उतनी ही हिन्दी, गुजराती, मराठी, तथा अन्य भाषाओं में भी मिली शस्तु की रचनाओं और पात्रों की विशिष्ठता के कारण ही उनके साहित्य में करोड़ों पाठकों की अपार रुचि उत्पन्न हो सकी ।
शरत् ने अपने साहित्य में तात्कालीन सामाजिक मूल्यों के आगे प्रश्न चिहन लगाया। उन्होंने तथाकथित सदाचार के प्रचलित मानदंडों, विधि-विधानों तथा अन्य विसंगतियों पर भरपूर चोट की। शरत् मूलतः नारी संवेदना के लेखक हैं। दलित, अपमानित, पतित भारतीय नारी के साथ शरत् ने व्यावहारिक हमदर्दी का परिचय दिया है। उनके उपन्यासों पर आधारित सीरियल भी चुके हैं।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | श्रीकांत | Shrikant |
| Author | Sharatchandra Chattopadhyay |
| Category | Novel Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 280 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“प्रेरणा के पीछे सबसे महत्त्वपूर्ण बात लक्ष्य तय करना होता है। आपका हमेशा एक लक्ष्य अवश्य होना चाहिए।” फ्रैंसी लैरियू स्मिथ
“The most important thing about motivation is goal setting. You should always have a goal.” Francie Larrieu Smith
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