यादों के गलियारे : राज विज | Yaadon Ke Galiyare : By Raj Vij Hindi Book

यादों के गलियारे : राज विज | Yaadon Ke Galiyare : By Raj Vij Hindi Book
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यादों के गलियारे पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : आपका प्रथम काव्य संग्रह पढ़ने का सौभाग्य मिला। स्वागत! ह्रदय से अनन्त बधाई शुभ कामना है यह क्रमवद्धता बनी रहे अचरज है. प्रकाशन जगत में विलक्षण प्रतिभा, अद्योत प्रकाशिनी तारिका, अब तक कहाँ विलुप्त रही? आपकी भाषा- शैली- विचारों का अनूठा उत्कृष्ठ समायोजन, उच्च मानसिकता का काव्य में अलंकारों में द्योतक है। “अनुप्रास यमक’ की रसिकता कुमकुमी निखार लायी है। जीवन के भोगे हुए चहुँ दिशि पहुलओं को मी, देश काल, पृथ्वी, प्रकृति का कण- कण (उक, सावन, बसन्त नीर-कली आदि) को तराशती हुई अनुभवी लेखनी ने छुआ आत्मासातकार अभिव्यक्ति की सुखद अनुभूति को प्रस्तुत किया। यह गौरव नाज की बात है।

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पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name यादों के गलियारे | Yaadon Ke Galiyare
Author
Categoryकहानी संग्रह / Story Collections Kahani Sangrah Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi
Language
Pages 106
Quality Good
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“अपने डैनों के ही बल उड़ने वाला कोई भी परिंदा बहुत ऊंचा नहीं उड़ता।” ‐ विलियम ब्लेक (१७५७-१८२७), अंग्रेज़ कवि व कलाकार
“No bird soars too high if he soars with his own wings.” ‐ William Blake (1757-1827), British Poet and Artist

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