यादों के गलियारे : राज विज | Yaadon Ke Galiyare : By Raj Vij Hindi Book
यादों के गलियारे पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : आपका प्रथम काव्य संग्रह पढ़ने का सौभाग्य मिला। स्वागत! ह्रदय से अनन्त बधाई शुभ कामना है यह क्रमवद्धता बनी रहे अचरज है. प्रकाशन जगत में विलक्षण प्रतिभा, अद्योत प्रकाशिनी तारिका, अब तक कहाँ विलुप्त रही? आपकी भाषा- शैली- विचारों का अनूठा उत्कृष्ठ समायोजन, उच्च मानसिकता का काव्य में अलंकारों में द्योतक है। “अनुप्रास यमक’ की रसिकता कुमकुमी निखार लायी है। जीवन के भोगे हुए चहुँ दिशि पहुलओं को मी, देश काल, पृथ्वी, प्रकृति का कण- कण (उक, सावन, बसन्त नीर-कली आदि) को तराशती हुई अनुभवी लेखनी ने छुआ आत्मासातकार अभिव्यक्ति की सुखद अनुभूति को प्रस्तुत किया। यह गौरव नाज की बात है।
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | यादों के गलियारे | Yaadon Ke Galiyare |
| Author | राज विज / Raj Viz |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Kahani Sangrah Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 106 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“विदेश में विद्या ही माता के समान रक्षा करती है इसलिये विद्या को गुप्त धन कहा गया है।” – चाणक्य
“Skills are called hidden treasure as they save like a mother in a foreign country.” – Chanakya
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