यादों के गलियारे : राज विज | Yaadon Ke Galiyare : By Raj Viz Hindi Book
यादों के गलियारे पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : अभिव्यक्ति के लिए व्याकुल मनुष्य के लिए भाषा बहुत बड़ी उपलब्धि थी। भाषा प्राप्त होते ही उसने अपने अनुभवों, आकांक्षाओं, स्वप्नों की अभिव्यक्ति मौखिक रूप में प्रारम्भ कर दी। उसकी विकास यात्रा के साथ ही संस्मरणात्मक स्वाभाविक है परिस्थितिजन्य है, घटनाओं, प्रसंगों और कार्यकलापों से अभिव्यक्त होता है रामभरोसे, लौंगश्री रामकली. नवजोत हमारे कथन के प्रमाण हैं।
विवरण जो वर्णनात्मक कथा के रूप में होते थे, उसकी जिज्ञासा शान्ति तथा मनोरंजन के मुख्य साधन हो गए। इन्हें जो जितने कलात्मक ढंग से प्रस्तुत कर सकता था, वह उतना ही आदर पाता था। इन वर्णनों में रहस्य रोमांच, अतिमानवीयता का पुट होता था क्योंकि ये तत्व आदिन मानस अथवा लोक मानस को सन्तुष्टि प्रदान करते थे। इस प्रकार मौखिक अभिव्यक्ति में लोककथाओं ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के साथ-साथ विशिष्ट लोकप्रियता प्राप्त की।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | यादों के गलियारे | Yaadon Ke Galiyare |
| Author | राज विज / Raj Viz |
| Category | कहानी संग्रह / Story Collections Kahani Kahaniyan Book in Hindi PDF Kahani Sangrah Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 106 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“निराशावादी व्यक्ति पवन के बारे में शिकायत करता है; आशावादी इसका रुख बदलने की आशा करता है; लेकिन यथार्थवादी पाल को अनुकूल बनाता है।” ‐ विलियम आर्थर वार्ड
“The pessimist complains about the wind; the optimist expects it to change; the realist adjusts the sails.” ‐ William Arthur Ward
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