रस विज्ञान | Ras Vigyan
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है
रस विज्ञान पुस्तक का कुछ अंश : जैसे ऊर्ण, रूई, मिट्टी में अज्ञान की आँखों से परिणाम होता हुआ सा दृष्टि गोचर होता है किन्तु ज्ञानियों की दृष्टि में भ्रम मूलक विचारों का प्रतिबिम्ब भी नहीं पड़ता। जैसे-किसी बीज में परिणाम होता सा लोग देखते हैं किन्तु उसके मूल तत्व में जैसी की तैसी यथात्मता बनी रहती है। धर्मी के आत्मस्वरूप में परिणाम नहीं अपितु उसके धर्म में है वह भी अपूर्ण बोध के कारण बुद्धि का विषय बनता है…………
Keep the good energy flowing—more spiritual books inside
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | रस विज्ञान | Ras Vigyan |
| Author | Shri Ramharshan Das ji |
| Category | Spiritual PDF Book in Hindi Social PDF Books In Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 24 |
| Quality | Good |
| Size | 3 MB |
| Download Status | Available |
“ऐसा नहीं है कि कार्य कठिन हैं इसलिए हमें हिम्मत नहीं करनी चाहिए, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम हिम्मत नहीं करते हैं इसलिए कार्य कठिन हो जाते हैं।” – सेनेका
“It is not because things are difficult that we do not dare; it is because we do not dare that things are difficult.” – Seneca
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












