श्रीकांत : शरतचन्द्र | Shrikant : By Sharatchandra Hindi Book
श्रीकांत पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : बांग्ला के विख्यात कथाकार शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय की गणना भारत के ही नहीं अपितु विश्व के महान साहित्यकारों में की जाती है। वे एक ऐसे अद्वितीय कथा शिल्पी हैं, जिनका साहित्य भाषाओं की सीमाएँ लाँघकर उनके अपने ही जीवनकाल में अखिल भारत की हदों को छू गया। उन्हें जितनी ख्याति बांग्ला में मिली, उतनी ही हिन्दी, गुजराती, मराठी, तथा अन्य भाषाओं में भी मिली शस्तु की रचनाओं और पात्रों की विशिष्ठता के कारण ही उनके साहित्य में करोड़ों पाठकों की अपार रुचि उत्पन्न हो सकी ।
शरत् ने अपने साहित्य में तात्कालीन सामाजिक मूल्यों के आगे प्रश्न चिहन लगाया। उन्होंने तथाकथित सदाचार के प्रचलित मानदंडों, विधि-विधानों तथा अन्य विसंगतियों पर भरपूर चोट की। शरत् मूलतः नारी संवेदना के लेखक हैं। दलित, अपमानित, पतित भारतीय नारी के साथ शरत् ने व्यावहारिक हमदर्दी का परिचय दिया है। उनके उपन्यासों पर आधारित सीरियल भी चुके हैं।
Click here to unlock new Hindi novel PDFs
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | श्रीकांत | Shrikant |
| Author | Sharatchandra Chattopadhyay |
| Category | Novel in Hindi PDF Book |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 280 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“मैं अपने जीवन को एक पेशा नहीं मानता। मैं कर्म में विश्वास रखता हूं। मैं परिस्थितियों से शिक्षा लेता हूं। यह पेशा या नौकरी नहीं है – यह तो जीवन का सार है। ” – स्टीव जॉब्स, संस्थापक, एप्पल
“I don’t think of my life as a career. I do stuff. I respond to stuff. That’s not a career — it’s a life!” – Steve Jobs, Founder, Apple
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












