मैनेजमेंट के नियम : रिचर्ड टेम्पलर | Management Ke Niyam : By Richard Templar Hindi Book
मैनेजमेंट के नियम पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : मैनेजमेंट भी बड़ी अजीब चीज़ है यह एक ऐसी चीज़ है, जो हम जीवन में शायद ही कभी करना चाहते हैं, लेकिन फिर भी हममें से ज़्यादातर लोगों को किसी न किसी मोड़ पर यह करना पड़ता है।
कैरियर सलाहकार : 16 साल का लड़का तुम स्कूल से निकलने के बाद क्या करना चाहोगे ? मैं मैनेजर बनना चाहूँगा।
क्या आपके साथ ऐसा हुआ था ? नहीं, मेरे साथ भी नहीं हुआ था। लेकिन फिर भी आप मैनेजर बन गए।
मैनेजर के रूप में आपसे एक साथ बहुत सी भूमिकाएँ निभाने की उम्मीद की जाती है। शक्ति का स्तंभ, लीडर और नवाचारी, जादूगर (तनख्वाह संसाधन और अतिरिक्त स्टाफ़ पलक झपकते ही ठीक कर देगा), दयालु अंकल आंटी, रोने के लिए उपलब्ध कंधा, बहुमुखी प्रेरक व्यक्ति, सख़्त लेकिन न्यायपूर्ण न्यायाधीश, राजदूत, नेता, वित्तीय जादूगर (गड़बड़ी करने वाला नहीं), संरक्षक, तारणहार और संत।
Read the Hindi version of Think and Grow Rich – just one click away!
Don’t miss this fresh Hindi storybook PDF.
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | मैनेजमेंट के नियम | Management Ke Niyam |
| Author | डॉ सुधीर दीक्षित / Dr. Sudhir Dixit, रिचर्ड टेम्पलर / Richard Templar, रजनी दीक्षित / Rajni Dixit |
| Category | शिक्षा / Educational Hindi Books ज्ञान / Knowledge Hindi Books Business Books in Hindi Economics Book in Hindi Fiction Book in Hindi PDF Money Book in Hindi PDF Most Popular Book in Hindi Self Help Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 256 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“यदि आपके पास स्वास्थ्य है तो संभवतः आप प्रसन्न होंगे, और यदि आपके पास स्वास्थ्य और प्रसन्नता दोनों हैं, तो आपके पास अपनी आवश्यकता के अनुसार समस्त सम्पदा होगी फिर चाहे आप इसे न भी चाहते हों।” – एल्बर्ट हुब्बार्ड
“If you have health, you probably will be happy, and if you have health and happiness, you have all the wealth you need, even if it is not all you want.” – Elbert Hubbard
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












