Shikhar Bhartiya Mahilaen : By Prakriti Roy Hindi Book | शिखर भारतीय महिलाएँ : प्रकृति राय द्वारा हिंदी पुस्तक
शिखर भारतीय महिलाएँ पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : हमारी प्राचीन संस्कृति में स्त्रियों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उन्हें शक्ति और
गौरव का प्रतिरूप माना गया है। इस सच्चाई का प्रमाण हमारे धर्मग्रंथों एवं पौराणिक कथाओं में पाया जा सकता है। हम देवी दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती एवं अनेक अन्य देवियों की पूजा-अर्चना करते हैं। इससे पता चलता है कि भारतीय सभ्यता में स्त्री स्वरूप का कितना सम्मान किया जाता था।
रानी दुर्गावती ने मुगल सम्राट् अकबर के सेनापति आसफ खान के साथ एक युद्ध में अपनी जान गँवाने से पहले, पंद्रह वर्षों तक राज्य किया। शिवाजी की माता जीजाबाई को महारानी इसलिए बनाया गया क्योंकि उनमें एक महान् योद्धा एवं योग्य प्रशासक के गुण थे। मीराबाई भक्तिकाल की अत्यंत प्रभावशाली विभूतियों में से एक थीं।
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने सन् 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया। अवध की शासक बेगम हजरत महल ने भी सन् 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया। उन्होंने अंग्रेजों के साथ सौदा करने से इनकार कर दिया और बाद में भागकर नेपाल चली गई।
अरुणा आसफ अली, कस्तूरबा गांधी, एनी बेसेंट, विजयलक्ष्मी पंडित, सुचेता कृपलानी, दुर्गा भाभी आदि ने अन्य अनेक देशभक्त भारतीय महिलाओं की भाँति स्वतंत्रता- संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया।
स्वतंत्र भारत में इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी, मीरा कुमार और सुषमा स्वराज जैसी महिलाओं ने राजनीति के क्षेत्र में अपने प्रभुत्व का परिचय दिया। अरुंधति राय और मेथा पाटकर जैसी सक्रिय महिलाएँ अन्याय के विरुद्ध सड़कों पर निकल पड़ीं।
महाश्वेता देवी, अनीता देसाई, महादेवी वर्मा और अमृता प्रीतम जैसी लेखिकाएँ भी पुरुषों से किसी भी मायने में पीछे नहीं रहीं।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | शिखर भारतीय महिलाएँ | Shikhar Bhartiya Mahilaen |
| Author | Prakriti Roy |
| Category | संस्कृति | Culture Hindi Books Biography Book in Hindi History Book in Hindi Social PDF Books In Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 264 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“यदि आप एक वर्ष की व्यवस्था कर रहे हैं, तो चावल उगाएं; यदि आप एक दशक की व्यवस्था कर रहे हैं, तो वृक्ष लगाएं; अगर आप जीवनभर की व्यवस्था कर रहे हैं, तो लोगों को शिक्षा दें।” चीन की कहावत
“If you are planning for a year, sow rice; if you are planning for a decade, plant trees; if you are planning for a lifetime, educate people.” Chinese proverb
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