भारतीय व्यंजनो का खजाना : संजीव कपूर | Bhartiya Vyanjano Ka Khana : By Sanjeev Kapoor Hindi Book
भारतीय व्यंजनो का खजाना पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : इस पुस्तक में सभी पाक विधिया इस प्रकार लिखी गई है कि कठिन व्यंजन बनाना भी सरल प्रतीत होता है। खाद्य सामग्री की मात्रा का उल्लेख छोटे बड़े चम्मचों और कप के माध्यम से किया गया है जिस से खाना पकाने वाले को ग्राम और लीटर में प्रस्तुत नाप तौल के विषय में भ्रांति न हो । पाठकों की सुविधा के लिये सामग्री को पहले तौला गया, और फिर छोटे बड़े चम्मचों और कप के नाप में परिवर्तित किया गया है। अन्तिम रूप देने से पहले प्रत्येक पाक विधि में प्रयुक्त सामग्री का पूर्ण परीक्षण करके मात्रा को सुनिश्चित किया गया है।
सभी व्यंजन चार व्यक्तियों को परोसने के दृष्टिकोण से नियोजित किये गये हैं और परोसने का अनुभाजन इस तथ्य को ध्यान में रख कर किया गया है कि तैयार भोजन एक छोटे समूह के लिये पर्याप्त हो। भारतीय भोजन पकाते समय, व्यंजन सूची में प्रत्येक खण्ड से विभिन्न स्वाद, सुगंध और रंग-रूप के व्यंजन सम्मिलित किये जाने चाहिये।
पाक कला के लिये भोजन में प्रयुक्त होने वाले प्रत्येक अवयव का उचित ज्ञान होना अत्यावश्यक है। कुछ विशेष अवयवों जैसे नमक, बेकिंग पाउडर और लाल मिर्च पाउडर का प्रयोग करते समय विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। इससे अधिक अन्तर नहीं पड़ता यदि आप किसी व्यंजन में आवश्यकता के विपरीत को प्याज के स्थान पर तीन प्याज का उपयोग करें, परन्तु बेकिंग पाउडर जैसे अवयव की बताई गई निश्चित मात्रा में किसी भी प्रकार का परिवर्तन व्यंजन को पूर्ण रूप से नष्ट कर सकता है।
सामान्यतः पाक विधि की पुस्तकों में प्रत्येक व्यंजन की तैयारी का समय और पकाने के कुल समय का अलग-अलग उल्लेख किया जाता है। इस पुस्तक में हमने इस प्रचलन को जानबूझ कर छोड़ा है, क्योंकि कभी-कभी इस का प्रतिकूल परिणाम भी होता है। उदाहरण के लिये अदरक का पेस्ट बनाने में दस मिनट लगते हैं, परन्तु आजकल आप तैयार पेस्ट बाजार से खरीद सकते हैं। फिर भी व्यंजन को पकाने में लगने वाले वास्तविक समय का उल्लेख प्रत्येक चरण पर किया गया है।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | भारतीय व्यंजनो का खजाना | Bhartiya Vyanjano Ka Khana |
| Author | Sanjeev Kapoor |
| Category | Recipe Book in Hindi PDF |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 176 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“संभव की सीमाओं को जानने का एक ही तरीका है कि उनसे थोड़ा आगे असंभव के दायरे में निकल जाइए।” आर्थर सी क्लार्क
“The only way to find the limits of the possible is by going beyond them to the impossible.” Arthur C Clarke
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