मेरा मुझमें कुछ नहीं / Mera Mujhamen Kuchh Nahin
PDF डाउनलोड करने के लिए लिंक नीचे दिया गया है
मेरा मुझमें कुछ नहीं पुस्तक का कुछ अंश : लेकिन अपने से बाहर उठे बिना मार्ग न मिलेगा। तुम ही खोजोगे, तुम्हारी खोज तुम्हारे अंधकार की ही खोज होगी। तुम ही सोचोगे, तुम्हारा सोचना तुम्हारे अनुभव के पार न जाएगा। और बहुत-बहुत बार एक ही उलझन में उलझे रहने से अनेक परिणाम होते हैं। या तो उलझन दिखाई ही पड़ना बंद हो जाती है, तुम आदी हो जाते हो। बहुत लोग आदी हो गए हैं अंधकार के। उन्होंने खोज ही बंद कर दी……….
You deserve more spiritual wisdom—get it now
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | मेरा मुझमें कुछ नहीं / Mera Mujhamen Kuchh Nahin |
| Author | Osho Hindi PDF Books |
| Category | Social PDF Books In Hindi Spiritual PDF Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 183 |
| Quality | Good |
| Size | 1790 KB |
| Download Status | Available |
“मित्र क्या है? एक आत्मा जो दो शरीरों में निवास करती है।” ‐ अरस्तू
“What is a friend? A single soul dwelling in two bodies.” ‐ Aristotle
हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें












