संस्कृति का प्रश्न : जे.कृष्णमूर्ति द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Sanskriti Ka Prashn : by J. Krishnamurthy Hindi PDF Book – Social (Samajik)

संस्कृति का प्रश्न : जे.कृष्णमूर्ति द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - सामाजिक | Sanskriti Ka Prashn : by J. Krishnamurthy Hindi PDF Book - Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name संस्कृति का प्रश्न / Sanskriti Ka Prashn
Author
Category, , ,
Language
Pages 292
Quality Good
Size 11.2 MB
Download Status Available

पुस्तक का विवरण : क्या होगा हम सबके साथ जब हम प्रौढ़ हो जायेगें ? क्या आपने कभी सोचा भी है कि आप बड़े होने पर क्यों करने वाले है ? ज्यादा सम्भावना तो यही है कि आप बड़े होने पर क्यों करने वाले है ? ज्यादा सम्भावना तो यही है कि आप बड़े होने विवाह करेंगे और इससे पहले कि आप किसी व्यवसाय अथवा रसोईघर से बंध जाये……

Pustak Ka Vivaran : Kya hoga ham sabake sath jab ham praudh ho jayegen ? Kya aapane kabhee socha bhee hai ki aap bade hone par kyon karane vale hai ? Jyada sambhavana to yahee hai ki aap bade hone par kyon karane vale hai ? Jyada sambhavana to yahee hai ki aap bade hone vivah karenge aur isase pahale ki aap kisee vyavasay athava rasoighar se bandh jaye…………

Description about eBook : What will happen to all of us when we become mature? Have you ever wondered why you are going to grow up? More likely, why are you going to do when you grow up? It is more likely that you will get married to grow up and before you get tied to a business or kitchen………..

“जो कुछ भी इस विश्व को अघिक मानवीय और विवेकशील बनाता है उसे प्रगति कहते हैं; और केवल यही मापदंड हम इसके लिये अपना सकते हैं।” डब्ल्यू. लिपमैन
“Anything that makes the world more humane and more rational is progress; that’s the only measuring stick we can apply to it.” W. Lippmann

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