Mahan Rastra Nirmata Sardar Vallabhbhai Patel : By Tejpal Singh Dhama Hindi Book | महान राष्ट्र निर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल : तेजपाल सिंह धामा द्वारा हिंदी पुस्तक
महान राष्ट्र निर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश :
ये बड़े-बड़ों की जीवनियां हैं, जिन्हें छोटों एवं किशोरों के लिए सजाया-संवारा गया है, ताकि इन्हें पढ़कर उनमें उनके जैसा बनने, ऊंचा उठने और दुनिया में बड़ा नाम कमाने की प्रेरणा जगा सके।
महान व्यक्तियों की ये जीवनियां बहुत आसान भाषा में और कहानियों की तरह रोचक ढंग से लिखी गई हैं। इसलिए इन्हें याद करने में भी बड़ी आसानी होगी।
सरदार पटेल ने देशी रियासतों का भारत में विलय करके अखण्ड भारत का निर्माण किया था। वे बर्फ से ढंके एक ज्वालामुखी थे । राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी थे। वास्तव में वे भारतीय जनमानस अर्थात् किसान की आत्मा थे। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा जाता है। उन्हीं महापुरुष की जीवनी यहां दी गई है, ताकि नई पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेकर दृढ़ इच्छाशक्ति वाली बन सके।
| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | महान राष्ट्र निर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल | Mahan Rastra Nirmata Sardar Vallabhbhai Patel |
| Author | Tejpal Singh Dhama |
| Category | Biography Book in Hindi History Book in Hindi Motivational Book in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 68 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“मैं हिंसा पर आपत्ति उठाता हूं क्योंकि जब लगता है कि इसमें कोई भलाई है, तो ऐसी भलाई अस्थाई होती है; लेकिन इससे जो हानि होती है वह स्थायी होती है।” मोहनदास करमचंद गांधी (1869-1948)
“I object to violence because when it appears to do good, the good is only temporary; the evil it does is permanent.” Mohandas Karamchand Gandhi (1869-1948)
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