Mahuacharita : By Kashinath Singh Hindi Book | महुआचरित : काशीनाथ सिंह द्वारा हिंदी पुस्तक
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महुआचरित पुस्तक पीडीएफ के कुछ अंश : मैं अकेली बेहद अकेली हो गई थी। मैं जब भी बाथरूम में नहाने जाती, कपड़े अलग करती और अपने बदन को बड़े गौर से देखती। हो सकता है गलत हो यह लेकिन जाने क्यों मुझे लगता कि यह शरीर गमले में पड़े गुलाब के उस पौधे की तरह हो गया है। जिसे अगर तुरन्त पानी न मिला तो सूखते देर न लगेगी! इसे पानी चाहिए, कोई पानी दो । लेकिन कौन देगा पानी ? अस्सी साल के पापा स्वतंत्रता सेनानी विचारों से सेकुलर । देश की दुर्दशा से दुखी! जिसे विकास कहते हैं,
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| पुस्तक का विवरण / Book Details | |
| Book Name | महुआचरित | Mahuacharita |
| Author | Kashinath Singh |
| Category | Fiction Book in Hindi PDF Novel Book in Hindi PDF Story Book PDF in Hindi |
| Language | हिंदी / Hindi |
| Pages | 108 |
| Quality | Good |
| Download Status | Not for Download |
“यदि आप अपने जीवन को अपनी मर्जी के अनुसार नहीं चला पाते, तो आपको अपनी परिस्थितियों को अवश्य ही स्वीकार कर लेना चाहिए।” ‐ टी एस एलियट
“If you haven’t the strength to impose your own terms upon life, you must accept the terms it offers you.” ‐ T S Eliot
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