अनौपचारिका : रमेश थानवी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक – सामाजिक | Anaupcharika : by Ramesh Thanvi Hindi PDF Book – Social (Samajik)

अनौपचारिका : रमेश थानवी द्वारा हिंदी पीडीऍफ़ पुस्तक - सामाजिक | Anaupcharika : by Ramesh Thanvi Hindi PDF Book - Social (Samajik)
पुस्तक का विवरण / Book Details
Book Name अनौपचारिका / Anaupcharika
Author
Category, , ,
Language
Pages 28
Quality Good
Size 2 MB
Download Status Available

अनौपचारिका पीडीऍफ़ पुस्तक का संछिप्त विवरण : लड़की ने बड़ी मासूमियत से कहा मैम आपको इतने नाम और सन याद रह जाते है। हमें तो ये सन याद ही नहीं रहते हैं। आज याद किये भूल गये इस डर से तो हमने इतिहास विषय नहीं लिया वरना उसमें हमारी रूचि कम न थी। तब मैंने उसे समझाया कि मैं तो क्लास में आती हूँ तब आप लोगों के लिए याद…….

Anaupcharika PDF Pustak Ka Sankshipt Vivaran : Ladakee ne badee Masumiyat se kaha maim aapako itane nam aur san yad rah jate hai. Hamen to ye san yad hee nahin rahate hain. Aaj yad kiye bhool gaye is dar se to hamane itihas vishay nahin liya varana usamen hamaree roochi kam na thee. Tab mainne use samajhaya ki main to Classe mein aati hoon tab aap logon ke liye yad…………

Short Description of Anaupcharika Hindi PDF Book : The girl said with great innocence, you remember so many names and suns. We do not remember this sun. We forgot to remember today, because of this fear, we did not take history, otherwise our interest in it was not low. Then I explained to him that I would come in class then you remembered for the people………………

 

“अगर सफलता का कोई राज़ है, तो वह दूसरे के दृष्टिकोण को समझने और चीजों को उसके दृष्टिकोण से अपने दृष्टिकोण जितने अच्छे से देख पाने की क्षमता में निहित है।” हेनरी फोर्ड
“If there is one secret of success, it lies in the ability to get the other person’s point of view and see things from that person’s angle as well as from your own.” Henry Ford

हमारे टेलीग्राम चैनल से यहाँ क्लिक करके जुड़ें

Check Competition Books in Hindi & English - कम्पटीशन तैयारी से सम्बंधित किताबें यहाँ क्लिक करके देखें

Leave a Comment